तीन साल बाद टूटी गिरिडीह सांसद की नींद, डुमरी के दो पंचायतों को लिया आदर्श ग्राम योजना के लिए गोद

ग्रामीणों ने सांसद और डीसी के मौजदूगी में कहा पदाधिकारी फोन तक नहीं उठाते

गिरिडीहः
तीन साल बाद गिरिडीह सांसद चन्द्रप्रकाश चाौधरी को संसदीय क्षेत्र का मौका मिला। और बुधवार को जिले के डुमरी विधानसभा में दो पंचायतो को गोद लिया। बुधवार को सांसद चाौधरी के साथ डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने डुमरी के सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत मधगोपाली और परसाबेडा पंचायत को गोद लिया। गोद लेने के बाद सांसद और डीसी ने दोनों पंचायत के गांवो का दौरा भी किया। पंचायतो का दौरा करने के क्रम में सांसद और डीसी ने समीक्षा बैठक किया। तो दोनों पंचायतो के ग्रामीणांे से सारी जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों पंचायत काफी पिछड़ा है। क्योंकि इतने सालों में एक भी आवास योजना और पेंशन योजना का फायदा ग्रामीणों तक नहीं पहुंचा। यहां तक कि डुमरी अनुमंडल के पदाधिकारी तक इन पंचायतो में अब तक आना जरुरी नहीं समझे। जबकि कई बार पदाधिकारियों को फोन कर दोनों ंपचायत बुलाया गया। लेकिन काफी बार कॉल करने के बाद भी पदाधिकारी कॉल तक रिसिव नहीं करते।

ग्रामीणों से डुमरी अनुमंडल के पदाधिकारियों की शिकायत सुनने के बाद डीसी का गुस्सा भड़का, और पदाधिकारियांे को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी शिकायत दुसरी बार सुनने को मिला। तो उन पर कार्रवाई भी तय है। इस दौरान समीक्षा बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल एंव स्वच्छता विभाग की कोई योजना अब तक परसाबेड़ा और मधगोपाली तक नहीं पहुंचा है। हालात ऐसे है कि सड़क और बिजली पानी की परेशानी दोनों पंचायतों में अब तक बना हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद सांसद ने पदाधिकारियों को हर योजना को दोनों पंचायतों से जोड़ने का निर्देश दिया। और कहा कि अगले छह माह बाद दोनों गांव पहुंच कर हालात देखे जाएगे।

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