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कोवाड के जंगल में मिले महिला का शव की पहचान हुई, दर्दनाक तरीके से हुए हत्या के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया

पोस्टमार्टम से नहीं हो पाया स्पस्ट, अब मृतिका के प्राईवेट पार्ट का सैंपल भी भेजेगी

गिरिडीहः
गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के कोवाड जंगल में मिले अज्ञात महिला के शव की पहचान मंगलवार देर रात ही हो गई थी। मृतिका की पहचान जिले के धनवार के परसनओपी के खिजरसोता गांव निवासी महेन्द्र वर्मा की 32 वर्षीय पत्नी ललिता देवी के रुप में किया गया। मृतिका की पहचान होने के बाद दुसरे दिन बुधवार की सुबह मुफ्फसिल थाना पुलिस ने जांच का दायरा आगे तो बढ़ाया। लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा। क्योंकि घटना के दुसरे दिन मृतिका के ससुराल खिजरसोता के ग्रामीणों से भी जानकारी मिली। पूरा परिवार बेहद गरीब है किसी से महेन्द्र वर्मा और उसकी पत्नी का कोई विवाद नहीं। इधर दुसरे दिन ही मृतिका का पति महेन्द्र वर्मा भी कोलकाता से वापस लौटा। लौटते ही महेन्द्र पहले सदर अस्पताल पहुंचा। जहां उसकी पत्नी का शव पोस्टमार्टम के लिए पहले से रखा हुआ था। महेन्द्र वर्मा अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचा था।
इधर घटना के दुसरे दिन बुधवार तक पुलिस के हाथ खाली ही थे। जबकि ललिता की हत्या निर्ममता के साथ गला रेतकर किया गया। और शव को कोवाड के जंगल में फेंक दिया गया। वैसे पुलिस सूत्रों की मानें तो पुलिस ललिता देवी हत्याकांड की जांच हत्या के साथ दुष्कर्म के एंगल से भी कर रही है। क्योंकि जंगल में मृतिका का शव जिस हालात में मिला, उसे फिलहाल यही संकेत मिल रहे है। इतना ही नही मृतिका का स्मार्ट फोन और पर्स भी घटनास्थल से नहीं मिला। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम भी हुआ। लेकिन पोस्टमार्टम से भी कुछ स्पस्ट नहीं हो पाया। लिहाजा, अब अस्पताल प्रशासन के सुझाव पर पुलिस मृतिका के शव का डीएनए टेस्ट कराने के साथ उसके प्राईेवट पार्ट का सैंपल भी जांच के लिए भेजने की प्रकिया में जुट गई है। जिसे साफ हो सके कि महिला के साथ दुष्कर्म तो नहीं हुआ।

इधर पुलिस सूत्रों यह भी बता रहे है कि परसनओपी की पुलिस ने संदेह के आधार पर एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस ने इसे इंकार किया है।
जानकारी के अनुसार मृतिका ललिता देवी मंगलवार की सुबह खस्सी खरीदने गांडेय के कारीपहरी गांव स्थित अपनी बहन के घर गई हुई थी। इस दौरान मृतिका को खस्सी खरीदने के लिए सात हजार रुपए लेते उसकी छोटी बेटी पूजा और सास ने भी देखा था। मृतिका के चार बच्चे थे। जिसमें दो बेटी और दो बेटे। गांव से ललिता को पैदल जाते हुए कई ग्रामीणों ने भी देखा था। लेकिन ललिता अपने बहन के घर नहीं पहुंची, वहीं देर रात उसका शव कोवाड के जंगल में पड़े होने की जानकारी बेटी पूजा समेत ग्रामीणों को मिला।

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