उदीयमान सूर्य को अध्र्य देने के साथ गिरिडीह में महापर्व छठ सपंन्न, व्रतियों ने आस्था के गंगा में लगाई डुबकी

छठ घाटों के अलावे व्रतियों ने घरों पर किया छठ मईया व भगवान उदीयमान सूर्य का आह्वान

अध्र्य के बाद व्रतियों से तिलक और प्रसाद पाने के लिए आतुर रहे श्रद्धालु

गिरिडीहः
उदीयमान भगवान सूर्य को अध्र्य देने के साथ सूर्योपासना और लोकआस्था का महापर्व छठ पूजा शनिवार को संपन्न हुआ। इस दौरान सुबह पौ फटने के साथ ही व्रति जहां मान्यताओं के अनुसार दंड देते हुए छठ घाटों की और जा रहे थे। वहीं डाला और सूप लिए श्रद्धालुओं भी पौ फटने से पहले छठ घाट की और चल पड़े। छठ घाटों पर पहुंचते ही व्रति अध्र्य देने और पूजा-अर्चना की तैयारी में जुट गए। हालांकि मौसम में अचानक परिवर्तन के कारण भगवान सूर्य का उदय भी काफी देर से हुआ। लेकिन जैसे ही उदीयमान सूर्य लालिमा बिखरते हुए उदय होना शुरु हुए। व्रति हाथों में सूप और डाला के साथ छठ घाटों पर परिक्रमा शुरु की। श्रद्धालु भी दूध और जल से छठ मईया और भगवान उदीयमान सूर्य का ध्यान कर अध्र्य देते नजर आएं।

कमोवेश, आस्था व श्रद्धा के साथ महापर्व के मौके पर हर एक व्रति और श्रद्धालु डूबकी लगाते नजर आएं। अधिकांश व्रतियों ने घर पर ही पूरे विधी-विधान के साथ अध्र्य प्रदान किया। महिलाओं से लेकर युवक-युवतियों की भीड़ नगर निगम के अरगाघाट समेत 26 घाटों पर अध्र्य दिया। तो घरों पर ही महापर्व छठ कर रहे व्रतियों के साथ श्रद्धालुओं ने अध्र्य प्रदान किया। और छठ मईया के साथ भगवान उदीयमान सूर्य से सुख-समृद्धि और निरोगीकाया का आशीर्वाद मांगा।


अध्र्य देने के बाद व्रति पर्व के दुसरे विधानों को पूरा करने में जुट गई। इस दौरान महिलाओं से लेकर युवक-युवतियां व्रतियों से तिलक लगाकर उनका आशीर्वाद लेने के लिए आतुर दिखें। सुहागिनें भी व्रतियों के हाथों तिलक लगाने को लेकर उत्सुक रही। कोई व्रति के पांव छूकर उनका आशीर्वाद लेते दिखें। तो कोई व्रति के हाथों प्रसाद लेने के आतुर। कमोवेश, शहर समेत सभी छठ घाटों में व्रति और श्रद्धालु महापर्व को लेकर उत्साहित रहेे। इधर छठ घाटों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी काफी मुस्तैद थे। प्रशिक्षु आईएएस के साथ सदर अचंलाधिकारी रवीन्द्र सिन्हा और नगर थाना प्रभारी रामनारायण चाौधरी व महिला थाना प्रभारी प्रियंका कुमारी जहां अरगाघाट में मौजूद रही। वहीं कई अन्य छठ घाटों में भी सुरक्षा कर्मी तैनात थे।

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