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जाली म्यूटेशन और जाली लगान रसीद तैयार होने के कारण गिरिडीह के पचंबा में बढ़ा जमीन के अवैध कारोबार का धंधा

सदर अचंलाधिकारी ने भी स्वीकारा कि पचंबा से बोड़ो के बीच दो लोग तैयार कर रहे जाली कागाजत
पचंबा के प्लाॅट खरीदार का दावा करने वाले ने उपलब्ध कराया जाली दस्तावेजों की सारी प्रतिया

गिरिडीहः
जाली कागजातों के आधार पर जमीन के अवैध कारोबार का धंधा गिरिडीह जिला मुख्यालय में चरम पर है। जाली कागजातों पर रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मियों के मिलीभगत से फर्जी रजिस्ट्री और खरीद-ब्रिकी भी खूब हो रही है। इसे जुड़े खबर को 24 जेट न्यूज ने शनिवार को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। जानकारी के अनुसार जाली कागजात पर जमीन खरीद-ब्रिकी का सारा मामला करीब एक सालों से जिला मुख्यालय के पचंबा थाना इलाके में बड़े जोर-शोर से हो रहा है। इसकी बानगी दुसरे दिन ही देखने को मिली। जब पचंबा के सूबोध कुमार ने रविवार को जाली कागजात पर उनके जमीन को हड़पने का जो दस्तावेज उपलब्ध कराया। वह काफी चाौंकाने वाला था। जानकारी के अनुसार सदर अचंल से रैयतदारों को मिलने वाला म्यूटेशन शुद्धि पत्र और लगान रसीद तक जाली तैयार कर खरीद-ब्रिकी कर दिया गया। दरअसल, इन जाली कागजातों के आधार पर पचंबा थाना इलाके में जमीन के अवैध कारोबार का धंधा इस कदर बढ़ चुका है कि पचंबा थाना पुलिस जमीन विवाद के निपटारे से निकल पा रही है। कमोवेश, यह स्थिति करीब डेढ़ सालों से चल रहा है। जमीन के इस विवाद के कारण पचंबा थाना इलाके में दर्जन भर खूनी संघर्ष तक हो चुका है। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।


इधर सदर अचंलाधिकारी रवीन्द्र सिन्हा भी इस बात को मानते है कि पचंबा में एक गिरोह ही म्यूटेशन पेपर और लगान रसीद जाली तैयार कर इलाके के भूमाफियाओं को बेंच रहा है। लिहाजा, यही कारण है कि पचंबा थाना क्षेत्र में जमीन का अवैध कारोबार काफी बढ़ चुका है। क्योंकि इसे पहले पचंबा के कई ऐसे मामले सामने आएं। जिसमें जमीन के वास्तविक मालिक के प्लाॅट को कब्जा करने का प्रयास किया गया। प्लाॅट मालिक जब पूरे दस्तावेज लेकर सामने आएं। और अचंलाधिकारी ने जांच किया। तो पता चला कि भूमाफिया जिस म्यूटेशन पेपर और लगान रसीद को दिखा रहे है। उनके क्रमांक नंबर सदर अचंल के कार्यालय से मेल ही नहीं खा रहे है। इसके बाद ही सीओ ने पाया कि पचंबा से बोड़ो के बीच दो सफेदफोशों का एक गिरोह ही यह कारनामा काफी दिनों से कर रहा है।


दरअसल, सूबोध कुमार ने साल 2016 में एक प्लाॅट खरीदा था। अब उसी प्लाॅट को लखारी के किसी ठाकुर वर्मा ने जाली लगान रसीद तैयार कर अपना कब्जा जताने लगे। इस दौरान जब प्लाॅट खरीदने का दावा कर रहे सूबोध कुमार ने अचंल कार्यालय में आरटीआई मांग कर लगान रसीद का ब्यौरा निकाला। तो पूरे ब्यौरे में जाली लगान रसीद का क्रमांक नंबर अचंल कार्यालय द्वारा दिए गए ब्यौरे से मेल नहीं खा रहा था। इसके बाद ही स्पस्ट हुआ कि पचंबा में अब झारखंड सरकार का जाली लगान रसीद और म्यूटेशन पेपर तक बनाया जा रहा है। इधर सीओ सिन्हा ने कहा कि जल्द ही पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किया जाएगा।

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