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पाश्र्व नाथ कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

स्थानीय कवियों प्रस्तुत की एक से बढ़कर एक कविता

गिरिडीह । कोरोना काल के लम्बे विकट परिस्थिति के बाद गिरिडीह शहर में फिर कविता के माध्यम से जीवन में हलचल का संचार हुआ। पाश्र्वनाथ महोत्सव कवि सम्मेलन का आयोजन पाश्र्व अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शीतलपुर एडवांस्ड लर्निंग पब्लिक स्कूल में किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि गिरिडीह काॅलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. बलभद्र के अलावे शहर के जाने माने कवि व रचनाकार शंकर पांडे, राजेश पाठक, मो. हलीम, परवेज शीतल, विशाल पंडित, व्याख्याता महेश अमन, तुलसी विश्वास, रितेश कुमार, सिकन्दर हेमंत, शुक्ला जी, महेश सिंह कवि सम्मेलन में शामिल हुए।

श्रोताओं ने भी कार्यक्रम की सराहना

कार्यक्रम के दौरान साहित्यकार विशाल पंडित ने दिल में हिन्दुस्तान जिंदाबाद लिखना है, पटेल व सुभाष का संवाद लिखना है, के ओज से पुरा सभागार गुंज उठा। सिकन्दर सौम्य की रणभेरी कविता (कर प्रतिकार अनय समर सज जाने दो। तोड़ अहंकार अरि रणभेरी बज जाने दो) सुनकर सबका मन उर्जा व ओज से भर उठा। कवि सुरेश शौर्य के शुन्य शीर्शक कविता की भी लोगों ने प्रशंसा की। महेश अमन की खोरठा समसामयिक कविता, दस किलो धान बेचिके एक किलो पियाज किनबो, को लोगांे ने बहुत सराहा। कार्यक्रम का मंच संचालन युवा कवि विशाल पण्डित कर रहे थे।

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