पटना में 26 जगहों पर बनेगा मेट्रो स्टेशन

13365.77 करोड़ खर्च पर सहमति के बाद हुआ मेट्रो निर्माण शुरू

पटना। पिछले साल केंद्र को बिहार के भेजे गये प्रस्ताव के 13365.77 करोड़ खर्च की सहमति मिल गयी है। इसके साथ ही पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी पीएमआरसीएल का गठन हुआ और मेट्रो रेल निर्माण के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को डिपोजिट टर्म पर काम सौंपा गया है। 25 सितंबर 1919 को पीएमआरसीएल और डीएमआरसीएल के बीच काम को लेकर एमओयू पूरा हुआ था। एमओयू के बाद डीएमआरसीएल ने मेट्रो के दोनों रूटों के एलाइनमेंट में स्टेशनों की संख्या, स्थान और डीपो संबंधी कुछ संशोधन प्रस्ताव दिया।

मेट्रो के संशोधित प्रस्ताव को 17 मार्च 2020 को मिली मंजूरी के बाद मेट्रो की लागत 13590.24 करोड़ हो गयी। अब मेट्रो की लंबाई कुल 32.497 किमी हो गयी है। इसमें 14.031 किमी ऊपर और 18.466 किमी अंडरग्राउंड लंबाई है। दानापुर से मीठापुर से खेमनीचक
रूट की कुल लंबाई 17.933 किमी है। इसमें 7.393 किमी ऊपर और 10.54 किमी अंडरग्राउंड मेट्रो रूट है। इस रूट में कुल 14 स्टेशन हैं। इसमें छह अंडरग्राउंड और आठ स्टेशन ऊपरगामी वाले हैं। अंडरग्राउंड स्टेशनों में रूकनपुरा, राजाबाजार, पटना जू, विकास भवन, विद्युत भवन और पटना रेलवे स्टेशन हैं। जबकि दानापुर, सगुनामोड़, आरपीएस मोड़, पाटलिपुत्र, मीठापुर, रामकृष्णा नगर, जगनपुर और खेमनी चक ऊपर वाले स्टेशन हैं।

पटना जंक्शन से गांधी मैदान होते हुए आइएसबीटी तक
कुल लंबाई 14.564 किमी है। इसमें 6.638 किमी ऊपर और 7.926 किमी अंडरग्राउंड मार्ग है। इस रूट में कुल 12 स्टेशन हैं। इसमें सात पटना जंक्शन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, पटना विवि, मोइनुल हक स्टेडियम और राजेंद्र नगर अंडरग्राउंड स्टेशन हैं। जबकि पांच मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ रोड, जीरो माइल और पाटलिपुत्र बस टर्मिनल अंडरग्राउंड स्टेशन हैं। इनमें खेमनीचक में इंटरचेंज की सुविधा रहेगी।

मेट्रो निर्माण को लेकर अबतक मिट्टी जांच की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। भू-तकनीकी व सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। रास्ते में पड़ने वाले पेड़ों को काटने व उसे हटाने के लिए पर्यावरण विभाग से अनुमति मिल गयी है। इआइए और एसआइए कार्य पूरा हो चुका है। एइसीओएम लिमिटेड और सेस्ट्रा की ओर से मेट्रो के डिटेल डिजाइन व कंसल्टेंसी का काम जारी है। प्राथमिक कॉरिडोर व डिपो के कार्य को तीन वर्षों में पूरा किया जायेगा। प्राथमिक कॉरिडोर के तहत एलाइनमेंट व स्टेशन के लिए काम एनसीसी को दिया जा चुका है।

प्राथमिक कॉरिडोर मलाही पकड़ी से आइएसबीटी तक 552.90 करोड़ में काम किया जाना है। इस रूट के एलाइनमेंट के लिए भू-अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। पाटलिपुत्र बस टर्मिनल डिपो के कार्य के लिए निविदा फाइनल की जा रही है। इसकी अनुमानित लागत 172.17 करोड़ है। कॉरिडोर वन के ऊपरगामी स्टेशनों की निविदा जारी है। इसकी अनुमानित लागत 527.62 करोड़ है। कॉरिडोर वन के भूमिगत स्टेशनों की निविदा अभी जारी की जानी है। कॉरिडोर टू के भूमिगत स्टेशनों की निविदा जारी की जा चुकी है। इसकी अनुमानित लागत 1958.81 करोड़ है। सभी रूटों पर सरकारी भूमि के हस्तांतरण का काम जारी है। विद्युत कार्यों के लिए भी निविदा जारी की जा चुकी है।

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