बंगाल: दुर्गापूजा की भीड़भाड़ में बुजुर्गों व बच्चों को नहीं जाने की नसीहत

कोलकाता। कोरोना किसी भी उम्र के लोगों को संक्रमित कर सकता है लेकिन बुजुर्ग और बच्चों को इससे अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। इसे देखते हुए इस बार दुर्गापूजा में खास एहतियात नहीं बरतने पर खतरा उठाना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने कहा है कि इस बार दुर्गापूजा में बुजुगों और बच्चों को भीड़भाड़ में नहीं जाना चाहिए। खासकर 50- 60 की उम्र और 10 साल से कम उम्र के छोटे बच्चों के लिए यह बेहद ही खतरनाक होगा। डॉ. अशोक मित्तल, मेडिका स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के शिशु विभाग विशेषज्ञ (एचओडी) के अनुसार इस महामारी से हमें दूर रहना चाहिए।

जब अभी भी कुछ मरीज घरों में ऑक्सीजन पर हैं। ऐसे में दुर्गापूजा में लोगों का बाहर निकलना उतना ही खतरनाक है जितना लॉकडाउन के नियमों को नहीं मानना। क्योंकि अभी हम कम्युनिटी ट्रांसमिशन के फेज में हैं। इस साल दुर्गापूजा, कालीपूजा कोई भी उत्सव जिसे एकजुट होकर पालन करते हैं, उससे दूरी बनानी होगी। कल्याणी के डॉक्टर राजीव पांडेय का कहना है कि 50 से अधिक उम्र वालों को जिन्हें रक्तचाप, किडनी, सुगर, अस्थमा, कैंसर व अन्य कोई बीमारी है उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा है। उन्हें भीड़ में नहीं जाना चाहिए।

विशेषज्ञों ने कहा है कि पूजा तो हर साल होगी मगर इस साल वे घर से आनंद लें। बाहर निकलने का फिलहाल एकदम नहीं सोचें। हमने भी परिवार में दोस्तों व रिश्तेदारों से यह सलाह मानने की गुजारिश की है। डॉक्टर्स कहते हैं कि कई बार देखा गया है कि बच्चों में वायरस के लक्षण का पता नहीं चला और वे संक्रमण का कैरियर बन गये। वायरस को परिवार के सदस्यों में फैला दिया। ऐसे में बच्चों पर विशेष ध्यान दें। 10 साल से नीचे की उम्र के बच्चे ज्यादा संवेदनशील होते हैं, उनकी इम्युनिटी उतनी विकसित नहीं होती है। इनसे संक्रमण जल्दी फैलता है।

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