ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ किया सड़क और रेलवे ट्रेक जाम

  • जेपी कारावास में रामू पंडीत की मौत और थाना प्रभारी के रवैये से नाराज है लोग
  • ग्रामीणों ने जताई जेल में रामू पंडीत की हत्या की आशंका, जांच की मांग

कोडरमा। जेपी कारावास हजारीबाग में रामदेव पंडित उर्फ रामू पंडित का मौत होना यह कहीं ना कहीं उसकी हत्या की आशंका दिखाई देता है, क्योंकि 7ः45 में जेपी कारा अधीक्षक के द्वारा रामदेव पंडित के नाबालिग बेटे को फोन आना पापा तेरे बीमार हैं और फिर 10 मिनट के बाद फोन आता है पापा तेरा सीरियस और फिर 8ः 50 मिनट में फोन आता है तेरा पापा का निधन हो गया और इसी एक घंटा के अंदर मृत्यु से लेकर पोस्टमार्टम तक का रिपोर्ट दिखाया जाता है जो कहीं ना कहीं यह हत्या जैसा मामला दिखता है। यही नही हजारीबाग पुलिस नाबालिक बच्चे को डरा धमका कर पेपर में साइन करवा लेता है और कहता है की डेड बॉडी को तुम ले जाओ नहीं तो हम लावारिस लाश समझ कर फेंक देंगे। बच्चे को ऊपर यह भी लोड दिया जाता है कि एंबुलेंस का भाड़ा तुम ही को देना है जो बच्चा के द्वारा हजारीबाग में ही व्यवस्था करके ले लिया जाता है और उस डेड बॉडी को रात्रि में उनके पैतृक गांव मुसौवा में लाया जाता है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग

जब यह बात ग्रामीणों को पता चलती है, तो मामला आग की तरह पूरे जयनगर प्रखंड में फैल जाती है। उसके बाद सामाजिक लोगों को खबर मिलने के बाद लोग पहुंचते हैं। वहीं प्रशासन के द्वारा जयनगर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, जयनगर थाना के थाना प्रभारी मुसौवा पहुंचते हैं। सामाजिक लोगों और ग्रामीणों के द्वारा प्रशासन के बीच में यह वार्ता होती है कि हजारीबाग जेपी कारावास अधीक्षक के ऊपर में प्राथमिकी दर्ज हो और पोस्टमार्टम का किया हुआ बेसरा का मेडिकल टीम फिर से बैठकर उसका रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। लेकिन जय नगर थाना प्रभारी द्वारा ग्रामीणों और सामाजिक लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करना, पुलिसिया रोब दिखाते हुए 144 के तहत सभी को जेल के अंदर करने की धमकी दिये जाने से नाराज ग्रामीणों ने रविवार की सुबह रोड से लेकर रेल लाइन तक सड़क जाम कर दिया।

थाना प्रभारी को हटाने का आश्वासन मिलने के बाद हटा जाम

इस दौरान ग्रामीणों ने जयनगर थाना प्रभारी का तबादला करने, मृतक का बेसरा रिपोर्ट फिर से मेडिकल टीम बैठा कर रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, मृतक परिजनों के मुआवजा के रूप में 10 लाख रुपया और एक सरकारी नौकरी की मांग की। इसी मांग को लेकर धरना स्थल पर माले जिला सेक्रेटरी और जिला कमेटी सदस्य अशोक यादव, शंभू नाथ वर्मा, पूर्व विधायक जानकी प्रसाद यादव, जय नगर प्रमुख जयप्रकाश राम, पूर्वी जिला परिषद प्रतिनिधि केदार यादव, घरौंजा मुखिया अजय यादव, रुपायडीह मुखिया प्रतिनिधि भोला यादव, बिंदेश्वरी प्रसाद बिहारी, घरौंजा पंचायत समिति सदस्य अनाम खान सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे। जो रेल पुलिस के आने के बाद और कोडरमा एसपी के द्वारा टेलिफोनिक वार्ता होने के बाद इस आश्वासन के साथ धरना को समाप्त किया कि जयनगर थाना प्रभारी का जल्द ही तबादला करने सहित अन्य मांगों पर विधिवत् कार्रवाई किया जायेगा।

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