मुद्रा राईस मामले में भाकपा माले ने निर्दाेष लोगों पर पुलिसिया कार्रवाई का किया विरोध
- कल की घटना के लिए की फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कारवाई की मांग
- कहा अगर कल ही मुआवजा मिल जाती तो असामाजिक तत्वों को नही मिलता मौका
गिरिडीह। भाकपा माले ने रविवार को मुद्रा राइस मिल के मृतक मजदूर सद्दाम के परिजनों को मुआवजा दिलाने को लेकर हुए आंदोलन और उसके बाद बरवाडीह में हुई घटना के लिए फैक्ट्री प्रबंधन को जिम्मेवार ठहराते हुए उनके ऊपर मामला दर्ज करने की मांग प्रशासन से की है। सोमवार को मुफ्फसिल इलाके में हुई पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में जहां मृतक सद्दाम को श्रद्धांजलि दी गई, वहीं पूरे घटनाक्रम तथा आगे की योजना पर चर्चा की गई। बैठक में माले नेता राजेश यादव और गिरिउीह विधानसभा प्रभारी राजेश सिन्हा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे। बैठक में माले नेताओं ने कहा कि इस मामले में निर्दाेष लोगों पर किसी भी तरह की कार्रवाई हुई तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी, जिले भर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
माले नेताओं ने कहा कि घटना के बाद कल ही अगर मुआवजा मिल जाता तो बात आगे नही बढ़ता। कहा कि, आज जिन लोगों ने मुआवजा दिलाने में तत्परता दिखाई, यदि यह कल ही हो जाता तो कोई घटना ही नहीं घटती। सद्दाम के परिजन तथा अन्य लोग फैक्ट्री गेट पर दिन भर इंतजार में बैठे रहे। लेकिन न तो प्रबंधन ने फैक्ट्री का गेट खोला और ना ही प्रशासन ही गेट खुलवा सकी। स्थानीय पुलिस भी लगभग समय वहां मौजूद रही। वहां बैठे लोग दिनभर सदर विधायक के संपर्क में भी रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी। कहा कि लोगों को निराशा हाथ लगने पर कुछ असामाजिक तत्वों ने बरवाडीह में इसी सवाल पर कुछ लोगों द्वारा सड़क जाम करते हुए घटना को अंजाम दिया गया। जिसकी जितनी भी निंदा की जाये वह कम है।
इस दौरान माले नेताओं ने कहा कि, मृतक सद्दाम की उम्र 22-23 वर्ष के बीच थी। इस हिसाब से उसका मुआवजा 15 लाख से भी अधिक होना चाहिए, जबकि उसे सिर्फ 11 लाख मुआवजा मिला है, जो निर्धारित मुआवजे से कम है। इसलिए परिजनों को निर्धारित मुआवजा मिलना चाहिए। कहा कि इसी फैक्ट्री में करीब 1 माह पूर्व हुई एक घटना में मृतक मजदूर के परिजनों को 20 लाख 70 हजार रुपए मुआवजा मिला था।
बैठक में माले नेताओं के अलावे मो. ताज हसन, मो. सलमान, मो. शुभान, मो. सलाउद्दीन, मो. मिंटू मल्लिक, मो. आलम, मो. फिरोज, मुन्ना, रिंकू, पिंटू आदि मौजूद थे।




