मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 23-24 फरवरी को होगा देशव्यापी हड़ताल: सीटू

  • 10 हजार मानदेय की मांग पर आंगनबाड़ी संघ (सीटू) ने किया प्रदर्शन

कोडरमा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी सेविका सहायिका को दस हजार मानदेय देने का वादा हेमन्त सरकार से पुरा करने, 5 माह से बकाया पोषाहार राशि का भुगतान करने, कोरोना को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र बंद करने, गर्भवती, धात्री व बच्चों का पोषाहार(टीएचआर) चालू करने, पोषण ट्रैकर ऐप पर काम के लिए 4 जी स्मार्ट फोन देने सहित दस सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय पर सीटू के बैनर तले सेविका सहायिका ने जुझारू प्रदर्शन किया। इससे पूर्व परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के निकट अम्बेडकर पार्क से एक जुलूस निकाला गया। जिसमें हेमन्त सरकार वादा पूरा करो, दस हजार मानदेय चालू करो, बकाया पोषाहार राशि का भुगतान करो, आईसीडीएस का निजीकरण बंद करो, समान काम का समान वेतन देना होगा आदि नारे लगाये जा रहे थे।

प्रदर्शन स्थल पर आंगनबाड़ी संघ (सीटू) की जिलाध्यक्ष शोभा प्रसाद की अध्यक्षता व जिला सचिव वर्षा रानी के संचालन में हुई सभा को संबोधित करते हुए आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि सेविकाओं को 4 जी स्मार्ट फोन दिए बिना सभी तरह के डेटा पोषण ट्रैकर ऐप पर लोड करने का दबाव बनाया जा रहा है, जो गलत है। चुनाव के पहले मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सेविका सहायिका को दस हजार मानदेय देने का वादा किया था। जिसे अब तक झारखंड सरकार द्वारा पूरा नही किया गया है।

मुख्य वक्ता सीटू राज्य कमिटी सदस्य व मजदूर नेता संजय पासवान ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत प्ले स्कूलों के नाम पर आंगनबाड़ी का निजीकरण की साजिश किया जा रहा है। निजीकरण के नाम पर सभी सरकारी सार्वजनिक संस्थाओं को बेचा जा रहा है, जिसके खिलाफ देश के सभी केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने 23-24 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है, जिसे सफल बनाना है। सीटू नेता रमेश प्रजापति ने आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया। कर्मचारी महासंघ के संयुक्त सचिव दिनेश रविदास ने कहा कि मजदूरों के अधिकार को खत्म कर चार लेबर कोड कानून लाया गया है, जिसके खिलाफ मजदूर कर्मचारियों को एक होना होगा।

कार्यक्रम में सीटू नेता महेंद्र तुरी, यशोदा देवी, उर्मिला देवी, संतोषी देवी, मंजू मेहता, कुमारी अनामिका, सरस्वती देवी, अर्चना देवी, संध्या वर्णवाल, रानी कुमारी, सुनीता देवी, मीना एक्का, संध्या कुमारी, रामदुलारी, पुनम, चन्दना भारती, सुनीता मेहता, किरण, सुषमा, तर्रनुम हाशमी, सरिता देवी, सुनीता सिंह, रूरसार बेगम, प्रभा, रीता, रेखा, कुमकुम दिवाकर, वीणा, कंचन, राधा, सरिता, मुनीता, द्रौपदी, सावित्री, कांति, संगीता, बबीता, ललिता, अंजु, बच्ची देवी, उषा, सुदामा, बिन्दा सहित दर्जनों सेविका सहायिका शामिल थी।

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