हजारीबाग के लोहार टोली में हुई दिल दहला देने वाली घटना
- कमरे में आग लगने से मां-बाप और बेटे की नींद में ही जलकर हुई मौत
- दूसरे कमरे में चाची संग सो रही दोनों बेटियां सही सलामत
- दरवाजे की कुंडी बाहर से थी बंद, जतायी जा रही है हत्या की आशंका
- जांच में जूटी हजारीबाग पुलिस
रांची। झारखंड के हजारीबाग शहर के लोहार टोली में बुधवार की रात घटी बेहद दर्दनाक घटना ने स्थानीय लोगों को हिला दिया है। मुहल्ले के एक घर के एक कमरे में आग लगने से पति-पत्नी और उनके 6 साल के बेटे की मौत हो गई। जबकि उनकी दो बेटियां दूसरे कमरे में अपनी चाची के साथ सो रही थी। जिसके वजह से दोनों बेटियां बच गई। मृतकों में मुन्ना विश्वकर्मा उर्फ सरोज विश्वकर्मा (45) उनकी पत्नी सोनम देवी (42) और पुत्र आयुष (6) शामिल हैं।
बताया जाता है कि दंपती के कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी और उस पर हेयरबैंड जैसा तार भी लपेटा हुआ था। जिससे हत्या की आशंका जाहिर करते हुए माना जा रहा है कि आग से जलने व दम घुटने से तीनों की मौत हुई है। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी है। आशंका जाहिर की जा रही है कि वैंटिलेटर से आग को कमरे के अंदर फेंका गया है।
बताया जाता है कि सरोज अपने छोटे भाई के साथ रहते थे। लगभग 2 बजे रात में अचानक कमरे से धुआं निकलता देख दोनों बच्चियां, उनके चाचा-चाची नींद से उठे। आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस आई तो देखा कि तीनों के शव कमरे में पड़े हैं। मां और बेटे की लाश फर्श पर थी, जबकि सरोज की लाश बेड पर थी। सरोज की दो बेटियां भूमि कुमारी (14) और कनक (12) दूसरे कमरे में सोई हुई थी।
मामले में थाना प्रभारी निशी कुमारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। फिलहाल कुछ कहा नही जा सकता है कि घटना कैसे हुई। कहा कि लोगों के मुताबिक सरोज बिल्कुल हंसमुख व्यक्ति थे। पूरा परिवार खुशहाल था। किसी से विवाद भी नहीं था। इसलिए जाचं के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।




