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एमपीएल के कोयला उठाव पर केन्द्रीय मंत्री ने सदर विधायक को दी नसीहत, कहा राजनीति के कारण रोजगार को खतरे में नहीं डाले

गिरिडीहः
केन्द्रीय राज्य मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी शनिवार को दिशा की बैठक में शामिल होने गिरिडीह पहुंची। और नगर भवन में सांसद-विधायकों समेत अधिकारियों के साथ बैठक की। पांच घंटे तक चले बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने के राज्य से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों के सवाल पर जवाब दी। तो मैथन पाॅवर लिमिटेड एमपीएल को गिरिडीह के ओपेन काॅस्ट कोयला खदान से बंद हुए कोयला उठाव के सवाल पर कहा कि कोयला कारोबार प्रत्यक्ष तौर पर 25 हजार से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ने वाला है। गिरिडीह कोलियरी पहले से घाटे में चल रही है। ऐसे हालात में एमपीएल को उसके शर्त पर कोयला क्यों और कैसे दिया जाएं? लिहाजा, केन्द्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सदर विधायक सोनू का नाम लिए बगैर कहा कि इस पर राजनीति करने वाले को भी सोचना चाहिए। वो क्या कर रहे है। क्योंकि एमपीएल को झारखंड के कई खदानों से कोयला आपूर्ति होता है। फिर उन्हें दुसरे एरिया से कोयला आपूर्ति किया जाएं। रोजगार का ध्यान रखते हुए ही वे कोयला मंत्री को पत्राचार कर एमपीएल के कोयला उठाव को बंद कराने को कहा।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि उन्हें जानकारी है कि डीवीसी के बकाएं को राज्य सरकार चुकता नहीं कर पा रही है। अब बकाया बढ़ता गया, तो डीवीसी बिजली आपूर्ति के लिए कोयला कहां से खरीदेगी। गुणवतापूर्ण बिजली के लिए यह जरुरी है कि हेमंत सरकार डीवीसी को उसका बकाया भुगतान करें। बातचीत के क्रम में केन्द्रीय मंत्री ने बिजली बोर्ड के अधिकारियों को लापरवाह बताते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ता बिजली के बदले बिल का भुगतान करना चाहते है। लेकिन हालात ऐसे है कि बिजली बोर्ड उन ग्रामीण उपभोक्ताओं को भी हर माह बिल देने के बजाय एक साथ पांच से छह माह का बिल भेजती है। भुगतान नहीं होने पर उनके कनेक्शन काट देती है। हेमंत सरकार को ऐसे अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई करना चाहिए। जिसे ग्रामीणों से भी वक्त पर बिल का भुगतान हो सके।

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