भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के वीडियो प्रतियोगिता में गिरिडीह के पियूष सागर एंड टीम ने प्राप्त किया तीसरा स्थान

  • 21 से 24 जनवरी को मध्यप्रदेश में आयोजित हुआ था महोत्सव
  • विडियो फिल्म के माध्यम से महान वैज्ञानिक सर जेसी बोस के जीवनी को किया था प्रस्तुत

गिरिडीह। मध्यप्रदेश में आयोजित भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव के वीडियो प्रतियोगिता में गिरिडीह के पियूष सागर और इनकी टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 21 से 24 जनवरी तक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह और राज्य के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा ने किया। यह महोत्सव भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग एवं विज्ञान भारती के द्वारा आयोजित किया गया था। इस महोत्सव के दौरान विज्ञान से जुड़े कई कार्यक्रम हुए जिसमें विज्ञानिका विज्ञान साहित्य महोत्सव भी शामिल था।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बहुभाषी वैज्ञानिक साहित्य, विज्ञान कविता, विज्ञान नाटक और लोक कला के माध्यम से विज्ञान को बढ़ावा देना और विज्ञान के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से हज़ारों प्रतिनिधि, प्रसिद्ध वैज्ञानिक और विज्ञान और प्रौद्योगिकी संगठनों के अधिकारी एवं निजी संस्थान ने भाग लिया।
आठवां भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में आयोजित विज्ञानिका-विज्ञान साहित्य महोत्सव में नेशनल शार्ट प्ले वीडियो प्रतियोगिता में झारखण्ड के गिरिडीह से बीट ऑफ़ लाइफ एंटरटेनमेंट के निदेशक पियूष सागर और इनकी टीम ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता का थीम इंस्पायरिंग इंडियन साइंटिस्ट ए स्टोरी टू रिमेंबर था। पियुष सागर की टीम ने शार्ट वीडियो फिल्म के माध्यम से महान वैज्ञानिक सर जेसी बोस के जीवन को एवं उनका झारखण्ड के गिरिडीह से जुड़े रिश्ते को सभी से रूबरू कराया और इन्होंने वीडियो फिल्म के माध्यम से गिरिडीह में स्थित सर जेसी बोस के आवास को एवं आवास में बंद पड़ी संदूक पर भी सभी का ध्यान आकर्षित कराने की कोशिश की। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से कई वैज्ञानिक एवं अन्य लोग शामिल हुए थे। 23 जनवरी को विज्ञानिका-विज्ञान साहित्य महोत्सव के समापन सत्र के दौरान मुख्य अतिथियों एवं वैज्ञानिकों ने अपने विचारों को रखा एवं प्रतिभागियों के परिणाम की घोषणा की गई।

महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और कवि डॉ. संतोष चौबे के साथ विज्ञान प्रगति के संपादक मनीष मोहन गोरे, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति केजी सुरेश, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सह आचार्य डॉ. बीएस बालाजी, वैज्ञानिक सीएम नौटियाल, सीएसआईआर नई दिल्ली के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ हसन जावेद खान के साथ कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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