गिरिडीह में होते सड़क हादसे और दम तोड़ती जिंदगी के बाद प्रशासन ने लिए कई महत्पूर्ण फैसले, डीसी ने दिया सख्ती करने का निर्देश
गिरिडीहः
हर रोज होते सड़क हादसे में हो रहे मौत ने गिरिडीह प्रशासन ने अब इसे गंभीरता से लिया है। सोमवार को डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने अधिकारियों के साथ खास बैठक किया। और कई महत्पूर्ण निर्देश दिए, जिसे सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चला। और इस दौरान बैठक में एएसपी हारिश-बिन-जमां के साथ डीटीओ रोहित सिन्हा, जिला शिक्षा अधीक्षक नीलम आईलीन टोप्पो समेत कई पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में डीसी ने लोगों के बीच जागरुकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। तो अधिकारियांे को निर्देश देते हुए डीसी ने कहा कि हर हाल में आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे दुरुस्त रखें। और इन सेवाओं को जानकारी अब जागरुकता अभियान के जरिए लोगों तक पहुंचाना है। वैसे यातायात लाईट के इस्तेमाल के साथ आगामी नो दिसबंर से सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया।
जिसमें यातायात पुलिस के सहयोग से आंख जांच अभियान शुरु करने के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर पेटिंग प्रतियोगिता छात्रों के बीच चलाने का निर्देश दिया गया। बैठक में पेटिंग प्रतियोगिता के लिए जिन स्कूलों का चयन हुआ, उसमें आर के महिला कॉलेज, हाई स्कूल गिरिडीह, मकतपुर हाई स्कूल, सर जेसी बोस गर्ल्स हाई स्कूल समेत अन्य स्कूलों को शामिल किया गया। बैठक में डीसी ने पदाधिकारियों को सुझाव देते हुए कहा कि इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था करें, कि अगर कोई सड़क हादसे में कोई जख्मी होता है तो जख्मी व्यक्ति को वक्त पर अस्पताल पहुंचाने वालों को गुड सेमेरिटन पद से नवाज कर उसे दो हजार का पुरस्कार राशि दिया जाएगा।

यही प्रावधान किसी एक व्यक्ति के जख्मी होने के बाद उसे तत्काल एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले दो गुड सेमेरिटन को दो-दो हजार का पुरस्कार देने की व्यवस्था की जाएगी।
हालंाकि डीसी ने बैठक में यातायात थाना और डीटीओ को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ओवर लोडिंग, नशे में वाहन का चलाना, बिना हेलमेट के वाहन चलाना और मोबाइल में बात करते हुए गाड़ी चलाने वालों की सख्ती से जांच के साथ उनका लाईसेंस रद्द करने का निर्देश दिया गया। तो डीसी ने कहा कि उनके लाईसेंस रद्द होने के बाद केन्द्र सरकार के पोर्टल में अपलोड करें, जिसे ऐसे लोगों के लाईसेंस किसी दुसरे राज्य में भी नहीं बन सके।