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एसडीएम ने केआईटी को किया ओपेन, सीओ के देख रेख में होगा संचालन

हिंसक विवाद के कारण सात माह पूर्व केआईटी को किया गया था सील

गिरिडीह। सदर एसडीएम ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए सात महीनें बाद गिरिडीह के खंडौली प्रौद्योगिकी इंन्स्टीच्यूट केआईटी को दुबारा खुलवा दिया है। सदर एसडीएम प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के बाद बुधवार से केआईटी में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कार्य भी शुरु कर दिए गये है। हालांकि केआईटी का संचालन अब बेंगाबाद के अचंलाधिकारी संजय सिंह के द्वारा किया जायेगा। एसडीएम के निर्देश पर केआईटी का रिसीवर बेंगाबाद सीओ को प्रतिनियुक्त किया गया है। वहीं इन्स्टीच्यूट के ट्रस्टी बोर्ड के सदस्यों में अरविंद मंडल, आशुतोष पांडेय और सचिन सिंह को दूर रखा गया है। ट्रस्ट के इन तीनों में से किसी सदस्यों का कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा और न ही इन तीनों में से किसी सदस्य को इन्स्टीच्यूट के आसपास रहने की अनुमति मिली है। हालांकि जानकारी के अनुसार इन्स्टीच्यूट के शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक संचालन की जिम्मेवारी के लिए एसडीएम के निर्देश पर एक प्रभारी प्राचार्य को भी प्रतिनियुक्त किया गया है।

छात्रांे ने एसडीएम से मिलकर फार्म भराने का किया था आग्रह

बताया जाता है कि इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल के कोर्स एडमिशन और सैमेस्टर छह की परीक्षा के फार्म भरने को लेकर इन्स्टीच्यूट के एक हजार के करीब छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ था। तीन दिन पहले ही छात्रों की एक टीम सदर एसडीएम से मिल कर पूरे मामले की जानकारी देते हुए फार्म भरकर परीक्षा दिलाने की अपील की। जानकारी के अनुसार 16 सितबंर से 20 सितंबर तक फार्म भरने की प्रकिया को पूरा किया जाएगा। छात्रों की अपील के बाद एसडीएम ने बेंगाबाद के सीओ के साथ बैठक कर इन्स्टीच्यूट को दुबारा खोलने की बात कही।

स्वामित्व को लेकर चल रहा है विवाद

बतातें चले कि इन्स्टीच्यूट स्वामित्व के विवाद के कारण अरविंद मंडल, आशुतोष पांडेय और सचिन सिंह के बीच हिंसक घटनाओं का रुप लेता जा रहा था। बढ़ते विवाद के कारण ही एसडीएम ने सात महीनें पहले इस इन्स्टीच्यूट को सील कर दिया गया था। वहीं सात महीनें बाद एसडीएम के निर्देश पर मंगलवार से इन्स्टीच्यूट को खोला गया।

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