कलाई पर सजेगी समुह की महिलाओं के द्वारा निर्मित राखी
- स्वदेशी में योगदान देने के लिए स्वंय सहायता समूह की महिलाएं बना राखी
कोडरमा। स्वदेशी में योगदान देने के लिए स्वंय सहायता समूह की महिलाएं पहली बार कोडरमा प्रखण्ड मुख्यालय के समीप राखियां तैयार कर रही हैं और स्टॉल के माध्यम से ही इसे बेचने का भी कार्य कर रही है। रक्षा बंधन पर भाईयों की कलाई पर चीन में निर्मित राखियों के वजह स्वयं सहायत समूह की ओर से निर्मित रंग-बिरंगी राखियां से सजेगी। मेक इन इंडिया की मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन (एलआरएलएम) की ओर से समूह की महिलाएं राखियां बना रही है। मौजूदा समय में चार महिला समुह की 32 महिलाएं इससे जुडी अलग-अलग क्षेत्रों में निपुन है। महिलाओं के हूनर की पहचान कर इस बार राशि बनाने का कार्य दिया गया है। कहा गया है कि महिलाएं दुसरे के लिए मिशाल बन रही है। नारी शक्ति है, सशक्त है, सम्मान है, नारी गौरव है। आज की नारी आत्मनिर्भर बन रही है, सबल है और दूसरों को भी आत्मनिर्भर बना रही है।
- चाईनिज राखियों का होगा बहिष्कार
रक्षाबंधन जैसे पर्व में बाजार में चीनी राखियॉ का ढेर रहता था जो इस बार देखने को नहीं मिल रहा है। झुमरी तिलैया सहित जिले के विभिन्न इलाको में राखियों की दुकान की बिक्री परमान पर है। कोरोना संक्रमण के मामलों के साथ ही लोगों के मन में चीन के प्रति काफी अक्रोश है। व्यापारियों का मोह भंग हो गया है। ऐसे मे स्वनिर्मित राखियॉ की खरीदारी से जहॉ एक ओर मेक इन इंडिया को बल मिलेगा। वहीं जरूरत मंद महिलाओं को आर्थिक लाभ भी पुरा हो सकेगा।
- क्या कहती है प्रखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक
झारखण्ड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाईटी की कोडरमा प्रखण्ड कार्यक्रम प्रबंधन शिखा वर्मा ने बताया कि गायत्री आजीविका शक्ति मंडल करमा, उजाला आजीविका मंडल कोलगरमा, हरी आजीविका और उज्जवल आजीविका मिशन पथलडीहा तथा चानको आजीविका मंडल के द्वारा राखियों के साथ-साथ रेेडीमेट कपडे़ आटा गेहॅू का आटा, मड़वा का आटा, मक्का का आटा, सरसो तेल, हल्दी, डिजीटल सरफ बनायी जा रही है। इसमें गुणवत्तापूर्ण कार्य हो रहे हैं। वर्तमान में 32 महिलाएं 5 हजार की लगात से राखियां का सामग्री खरीद है और 650 से अधिक राखि बनायी है। ये महिलाएं सामग्री बनाने के साथ 90 रूपये में शाकाहारी भोजन और 110 रूपये ननभेज भोजन दे रही है। इनसे इसकी किश्मत बदली रही है और समुह से जुडी महिलाआ को आर्थिक समस्या नहीं होगी।