LatestNewsकोडरमाझारखण्ड

ज्ञान विज्ञान समिति और एडवा ने किया महिलाओं के लिए सेमिनार का आयोजन

बढ़ते लिंगानुपात, भु्रण हत्या सहित बिन्दुओं पर हुई चर्चा

कोडरमा। ज्ञान विज्ञान समिति और एडवा के संयुक्त तत्वाधान में सोमवार को महिलायों का एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिला के 5 प्रखण्डों के 53 महिलाओं को लेकर समता ज्ञान विज्ञान समिति के मीना देवी, पिंकी देवी एडवा के पुर्णिमा देवी और बृंदा करात देवी के अध्यक्ष मण्डली में रामरतन अवध्या ने स्वागत भाषण के साथ सेमिनार शुरू किया। उन्होने जिला में बढ़ते महिला हिंसा पर चिन्ता व्यक्त किया। मुख्य वक्ता के रुप मे भूतपूर्व राज्य महासचिव असीम सरकार ने बताया कि संविधान में समानता के मौलिक अधिकारों के बाद भी आज दोहरी माप दण्ड चालू हैं। एक तरफ महिलाए हर क्षेत्र मे आगे बढ़ रही हैं फिर बेटा बेटी में फर्क, डायन प्रथा, दहेज प्रथा से लेकर महिला हिंसा बढ़ी हैं। दुसरी तरफ महिला आरक्षण बिल रोककर, नई शिक्षा नीति लाकर महिलाओं को शिक्षा से दूर करने, साक्षरता कार्यक्रम बन्द करते हुए, लेवर कोड लाकर मजदूर हक को कुण्ठित करते हुए कठिन कार्य करने की छुट समाप्त कर महिला कामगारों के साथ अन्याय कर रही हैं। उन्होंने कृषि बिल से भी महिलाओं का संकट बढ़ने की ओर इशारा किया।

सेमिनार से महिलाओं पर बढ़ रही है जागरूकता

सेमिनार को सम्बोधित करते हुए मजदूर नेता संजय पासवान ने बताया कि ज्ञान विज्ञान आन्दोलन और साक्षरता अभियान से जिला में महिला जागरूकता में बढ़ोतरी हुई थी। जिससे 2001 के जनगणना के समय जिला का लिंग अनुपात 1001 हो गया था। उन्होनें आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत का महिलाओं के प्रति नजरिया मनुस्मृति की याद दिलाती हैं। उन्हांेने मनुवाद के खिलाफ महिलाओं को आगे आने का आह्वान किया। सेमिनार में मरकच्चो के रंजु देवी, संगीता देव, जयनगर के आशा कुमारी, चन्दवारा के सीता देवी, शीला देवी, मीना देवी, कोडरमा की अनिता कुमारी, शैबुन निशा, चम्पा देवी, मीरा सिंह ने भी सम्बोधित करते हुए गिरते लिंग अनुपात के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को दोषी मानते हुए इसके खिलाफ मुख्यमंत्री के पास जिला के सभी महिला संगठनो को लेकर स्मारपत्र देते हुए महिला आन्दोलन छेड़ने पर जोर दिया। इस सम्बन्ध मे तीन प्रस्ताव यथा माह मई तक हर परिवार को दस किलो अनाज देने, जिला में चल रहे भ्रुण जांच रोकने तथा क्लिनिकल इस्टाब्लिशमेन्ट कानुन को सख्ती से लागु करना सर्वसम्मति से पारित किया गया।

Please follow and like us:
Show Buttons
Hide Buttons