कई कारणों से पश्चिम बंगाल में जय समय से पहले हो सकते हैं विस चुनाव

कोलकाता। इस बार निर्धारित समय से पहले ही पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कराये जा सकते हैं। ऐसा इसलिए मुमकिन है कि राज्य में चार मई से सीबीएसइ बोर्ड की परीक्षा होगी। इसके साथ ही राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान हुई भारी हिंसा और मौजूदा समय में कोरोना के प्रकोप को देखते हुए इस बार आठ चरणों में विधानसभा चुनाव कराये जाने की संभावना है। ऐसा संकेत चुनाव आयोग सूत्रों ने भी दिया है।

इससे पहले 2016 में बंगाल विधानसभा का चुनाव चार अप्रैल से शुरू हुआ था। इस दौरान सात चरणों में 19 मई तक मतदान हुए थे। यानी मतदान से लेकर मतगणना प्रक्रिया को पूरा करने में डेढ़ महीने से भी अधिक समय लगा था। लिहाजा इस बार मार्च के मध्य से चुनाव शुरू हो सकता है। क्योंकि इस साल चार मई से सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा कराने की घोषणा की है। परीक्षा शुरू होने के बाद माइक बजाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में मतदान को समय से पहले शुरू करना होगा। वर्ष 2018 में राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान काफी हिंसा हुई थी।

बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास रहा है। विरोधी पार्टियों ने इस बार भी चुनाव में भारी हिंसा होने की आशंका जताई है। साथ ही इस बार कोरोना महामारी का असर भी है। ऐसे में इस बार आठ चरणों में चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में अगर मार्च महीने के मध्य से मतदान प्रक्रिया शुरू होती है, तो प्रक्रिया पूरी करने में कम से कम 45 दिन का समय लगेगा। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि फरवरी में ही विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है।गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के पहले 15 जनवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद विधानसभा चुनाव को लेकर फैसला लिया जा सकता है।

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