एमपीएल के कोयला उठाव के खिलाफ गिरिडीह ट्रक मालिकों और डीओ होल्डरों का धरना रहा जारी

आंदोलनकारियों ने लगाया नया आरोप, बगैर जीपीएस लगे वाहनांे में लोड हो रहा कोयला

गिरिडीहः
गिरिडीह के ओपेन काॅस्ट कोयला खदान से एक तरफ एमपीएल मैथन पाॅवर लिमिटेड का कोयला उठाव जारी दुसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। तो दुसरी तरफ इसके खिलाफ आंदोलनकारी ट्रक मालिक और डीओ होल्डरों का धरना भी जारी था। इस दौरान धरने में विधायक के खिलाफ नारेबाजी हुई। तो कोलियरी प्रबंधन के विरोध में आंदोलनकारियों के भीतर गुस्सा भी दिखा। लेकिन दुसरे दिन ही आंदोलनकारियों ने एमपीएल के खिलाफ एक नया आरोप लगा बैठे कि खनिज ढोने वाले वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगा रहता है। और जिन हाईवा में एमपीएल को कोयला दिया जा रहा है। उसमें किसी हाईवा में जीपीएस सिस्टम नहीं लगा है। लिहाजा, इसे एक तरह से कोयले की तस्करी की संभावना है। आंदोलनकारियों में कमलचंद साहु ने कहा कि जिस तरह से बगैर जीपीएस के वाहनों में एमपीएल के लिए कोयले की आपूर्ति हो रही है। उसे जाहिर है कि कोलियरी प्रबंधन भी मैथन पाॅवर लिमिटेड के अवैध कोयला कारोबार को संरक्षण दे रही है। इधर दुसरे आंदोलनकारी राजेन्द्र यादव ने कहा कि विधायक और झामुमो के साजिश के कारण गिरिडीह कोलियरी बचाओ संघर्ष समिति का आंदोलन बेअसर रहा। वहीं अब एमपीएल को लगातार मिल रहे कोयले के कारण ही रोड सेल का कोयला उठाव पूरी तरह से ठप है। यही नही रोड सेल को मिलने वाला कोयला का दर चार हजार रुपया प्रति टन होगा। तो एमपीएल को सिर्फ 1200 सौ रुपये के दर पर कोलियरी प्रबंधन ने कोयला उपलब्ध कराया। इधर धरने में मो. असलम, मो. जहांगीर, अरुण यादव, अजय यादव, शंकर यादव, संतोष यादव, द्वारिका मंडल समेत कई मौजूद थे।

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