24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन उमड़ी श्रद्धालूओं की भीड़, दी पूर्णाहुति

  • गायत्री परिवार का उद्देश्य मनुष्य में देवत्व का उदय एवं धरती पर हो स्वर्गीय वातावरण

गिरिडीह। शहर के तिरंगा चौक स्थित गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित चार दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को सर्वप्रथम देव पूजन किया गया। इसके अंतर्गत सभी देवी देवताओं का वैदिक मंत्रों एवं लयबद्ध संगीत के साथ आवाहन किया गया। सर्वप्रथम विघ्न विनाशक गणेश जी का आवाहन किया गया तत्पश्चात बारी-बारी से सभी देवी देवताओं का आवाहन किया गया। महायज्ञ में लगभग डेढ़ हजार लोगों ने अपने हाथों से आहुतियां प्रदान की एवं यह संकल्प लिया कि हम परम पूज्य गुरुदेव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे। इसके लिए घर-घर यज्ञ, घर-घर संस्कार कार्यक्रम पूरे जिले में अनवरत चलाते रहेंगे।

इस मौके पर शांतिकुंज से आए हुए श्री परमेश्वर जी ने कहा कि यह वर्ष गायत्री तीर्थ शांतिकुंज का स्वर्ण जयंती वर्ष है, आज से ठीक 50 वर्ष पूर्व गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार की स्थापना की गई थी। कहा कि गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के स्थापना का एकमात्र उद्देश्य यह है कि मनुष्य में देवत्व का उदय हो एवं धरती पर स्वर्गीय वातावरण का निर्माण हो। शांतिकुंज इसी दिशा में अनवरत बढ़ता हुआ चला जा रहा है। कहा कि कोई भी व्यक्ति गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में संपन्न होने वाले साधना शिविरों में बिना किसी संकोच के, बिना किसी भेदभाव के भाग ले सकता है। वहां निशुल्क भोजन एवं आवास की व्यवस्था है। जो लोग शांतिकुंज नहीं जा पाते उन्हीं लोगों के लिए इस तरह का आयोजन शांतिकुंज हरिद्वार के द्वारा प्रत्येक वर्ष पूरे देश में किया जाता है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला प्रमुख कामेश्वर सिंह, डॉक्टर यू एस मंडल, आलोक रंजन, उमेश मंडल, मंगन मंगल, तुलसी राय, महेंद्र यादव, माथुर प्रसाद, जीबलाल चौधरी, सतीश भदानी, जितेंद्र शर्मा, लक्ष्मण मंडल, प्रकाश गुप्ता, अशोक बरनवाल, जय प्रकाश राम, उर्मिला बरनवाल, अंजू सिंह, सुमन देवी, कंचन सिन्हा, विनीता देवी, शीला देवी सहित महिला मंडल की बहनों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

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