गिरिडीह में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती

  • सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को जन जन तक पहुँचाने का लिया संकल्प
  • कर्पूरी चौक का सौन्दर्यीकरण कर गर्व महसूस किया : गुणवंत सिंह मोंगिया

गिरिडीह। जननायक कर्पूरी ठाकुर एक व्यक्ति नहीं विचार थे। गरीबी और शोषण उन्होंने आँख से देखा था बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत करके और संघर्ष करके बिहार के दो-दो बार मुख्यमंत्री बने। आज की युवा पीढ़ी को उनके संघर्षों को आत्मसात करने की जरूरत है तभी वे जीवन में सफल हो सकते हैं। उक्त बातें मोंगिया स्टील लिमिटेड के निदेशक सरदार गुणवंत सिंह ने कही। वे मंगलवार को कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर की जीवनी से लोगों को कई चीजें सीखने की जरूरत है। झामुमो नेता व पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और सरकार को जनता से किए वादों को पूरा करना चाहिए। आज के नेताओं के कथनी और करनी में बहुत अंतर है।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर की ईमानदारी का पूरे देश में चर्चा होती है। कर्पूरी ठाकुर जब बिहार के मुख्यमंत्री थे तब अंग्रेजी विषय को अनिवार्य विषय सूची से हटा दिया था। जिससे बिहार के काफी विद्यार्थियों को लाभ हुआ और लोगों को नौकरी मिली। सामाजिक कार्यकर्ता रामदेव विश्वबंधु ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष कामेश्वर पासवान ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर गरीबों शोषितों पीड़ितों के नेता थे। मुखिया शिवनाथ साव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर अंतिम आदमी का विकास चाहते थे और अपने मुख्यमंत्री काल में कई काम भी किए।

समारोह को राजद के जिला अध्यक्ष नाथेश्वर ठाकुर, मुखिया भानू शर्मा, महिला मोर्चा की अध्यक्ष हीरा देवी, भाजपा नेता रामचन्द्र ठाकुर सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। जयंती समारोह की अध्यक्षता जननायक कर्पूरी ठाकुर मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष नंदलाल शर्मा ने किया और संचालन रामशंकर ठाकुर ने किया।

कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता रितेश साराक, प्रभाकर, रामजी यादव, प्रकाश वर्मा, गणेश ठाकुर, गंगाधर ठाकुर राजेंद्र शर्मा, मुंशी ठाकुर, किशोरी शर्मा, प्रकाश शर्मा, संजय ठाकुर, राजेंद्र शर्मा, अर्जुन शर्मा, मनोज शर्मा, मुकेश शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, हीरा देवी, दीप्ति कुमारी, संगीता देवी, बेबी देवी, गुड़िया देवी, कुंती देवी, सुमित्रा देवी, शिखा शर्मा, खुशी शर्मा, बबलु रजक, जितेंद्र शर्मा, सूर्य कांत स्वर्णकार, राहुल रवानी, भुनेश्वर दास, विजय कोल, सुरेश राम पिन्टू गुप्ता, सुनिल ठाकुर सहित काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

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