ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास पर जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

  • उपायुक्त, जिला परिषद् प्रधान व उप विकास आयुक्त ने कार्यशाला का किया उद्घाटन
  • ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाने में मनरेगा महत्वपूर्ण स्थान: उपायुक्त
  • अधिक से अधिक ग्रामीणों को मनरेगा योजनाओं से अच्छादित करेः जिला परिषद् प्रधान

कोडरमा। पंचायत संसाधन केंद्र फरेंदा में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम अंतर्गत ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास पर जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उपायुक्त आदित्य रंजन, जिला परिषद् प्रधान शालिनी गुप्ता व उप विकास आयुक्त लोकेश मिश्रा द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।


मौके पर उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का समेकित विकास राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाने के उपायों में महात्मा गांधी नरेगा योजना एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। ऐसे में सभी पदाधिकारी ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान को सफल बनाने में अपना विशेष योगदान दें। मनरेगा में मानवदिवस सृजन व महिलाओं की भागीदारी बढायें। आम सभा करते हुए योजना का चयन करें। मजदूरों का जॉब कार्ड बनायें। मनरेगा के तहत ग्रामीणों को एक ऐसे विकास की ओर ले चले ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाये जा सके। उपायुक्त ने जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि मनरेगा की योजनाओं को गांव स्तर तक आमजनों को जागरुक करें। प्रखंड विकास पदाधिकारी को ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास हेतु प्रखंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया।


जिला परिषद् प्रधान शालिनी गुप्ता ने कहा कि मनरेगा की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु पदाधिकारियों की भूमिका अहम है। मनरेगा के योजनाओं पर फोकस करने पर जोर देने की जरूरत है। कहा कि जिले के युवा या महिला जो पूर्णतः मनरेगा पर आश्रित है, उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति हो, ये हमारा प्रयास होना चाहिए। मानव दिवस सृजन, जॉब कार्ड, योजना इत्यादि चीजों पर विशेष ध्यान दें। अधिक से अधिक लोगों को मनरेगा योजनाओं से अच्छादित करें।

  • ग्रामीणों की आस, मनरेगा से विकास अभियान 22 सितंबर से 15 दिसंबर तक: डीडीसी

उप विकास आयुक्त लोकेश मिश्रा ने बताया कि यह अभियान दिनांक 22 सितंबर से 15 दिसंबर 2021 तक चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नियमित रोजगार दिवस का आयोजन, नियमित ग्राम सभा का आयोजन, इच्छुक सभी परिवारों को स-समय रोजगार उपलब्ध कराना, महिला एवं अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति कोटि के श्रमिकों के भागीदारी में वृद्धि, प्रति परिवार औसतन मानव दिवस में वृद्धि, जॉब कार्ड निर्गत करना अथवा उसका नवीनीकरण करना, जॉब कार्ड का सत्यापन, प्रत्येक गांव/ टोला में हर समय औसतन 5 से 6 योजनाओं का क्रियान्वयन, पूर्व से चली आ रही पुरानी योजनाओं को पूर्ण करना, प्रत्येक ग्राम पंचायतों में पर्याप्त योजनाओं की स्वीकृति व शत प्रतिशत महिला मेट का नियोजन समेत अन्य है, ऐसे में उपस्थित पदाधिकारी इन कार्यों को विशेष प्राथमिकता दें ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके।

मौके पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी पारस यादव, प्रखंड प्रमुख डोमचांच, प्रखंड प्रमुख डोमचांच, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, सभी प्रखंड परियोजना पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस व अन्य मौजूद थे।

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