गिरिडीह आरएसएस ने मनाया गुरू पूर्णिमा महोत्सव, प्रांत कार्यवाहक ने कहा कि महामारी के वक्त संघ ने दिखाया राष्ट्र भक्ति

गिरिडीहः
गुरू पूर्णिमा के मौके पर बुधवार को गुरू की भक्ति गिरिडीह में हर और दिखा। सुबह में जहां गायत्री शक्तिपीठ मंदिर में गुरु माता की उपासना और पूजा-अर्चना किया गया। तो मौके पर महिलाओं ने हवन में भी शामिल हुई। हवन में श्रद्धालुओं ने आहुति प्रदान की। और गुरू मंत्र का जाप किया। वहीं देर शाम शहर के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्कूल में आरएसएस के गिरिडीह इकाई की और से गुरू पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। स्कूल में आयोजित महोत्सव की शुरुआत संघ के प्रार्थना से किया गया। तो गुरू पूर्णिमा महोत्सव के दौरान संघ के प्रांत कार्यवाहक संजय जी और जिला संघ चालक बृजनंदन प्रसाद ने भगवा ध्वज फहरा कर किया। तो मौके पर मां भारती के साथ आरएसएस के संस्थापक डा. केशव बलिराम हेडगेवार और सदाशिव गोलवलकर के तस्वीरों पर श्रद्धाजंलि अर्पित कर किया। इस दौरान महोत्सव में शामिल संघ के पदाधिकारी विभाग सह कार्यवाह मुकेश रंजन सिंह, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर स्कूल के प्राचार्य शिवकुमार चाौधरी, संघ के विभाग व्यवस्था प्रमुख संजीव जी, जिला बौद्विक प्रमुख नलिन जी, संतोष खत्री, धर्मजागरण प्रमुख धर्मवीर राय और नगर व्यवस्था प्रमुख सुजीत समेत पूर्व मंत्री चन्द्रमोहन प्रसाद, पूर्व सदर विधायक निर्भय शाहाबादी, आरएसएस के पदाधिकारी प्रदीप जैन, राजेन्द्र लाल बरनवाल, वीरू सिंह, अमित सिन्हा, राजेश शर्मा ने भगवा ध्वज के नतमस्तक हुए।


मौके पर गुरू पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित करते हुए प्रांत कार्यवाहक संजय जी ने कहा कि आरएसएस भगवा को अपना गुरू मानता है। और उसी के निर्देश पर पूरे भारत में हिन्दुत्व की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाता है। क्योंकि संघ ही है जो राष्ट्र के सुरक्षा की चिंता कर कार्यकर्ता तैयार करता है। प्रांत कार्यवाहक ने देश में बढ़ते आंतरिक विरोधियों को देश का दुश्मन बताते हुए कहा कि अब वक्त आ चुका है कि हिन्दुत्व की विचारधारा से जुड़े एक-एक व्यक्ति राष्ट्र की सुरक्षा के लिए आंतरिक विरोधियों खुलकर लड़ाई के लिए तैयार रहे।

प्रांत कार्यवाहक ने इस दौरान यह भी कहा कि संघ को मिलने वाले फंड का इस्तेमाल सिर्फ संघ के कार्य के साथ राष्ट्र की सुरक्षा के लिए किया जाता है। और एक-एक कार्यकर्ता तन-मन और धन से हमेशा तत्पर रहे है इसका उदाहरण है कोरोना महामारी, जब पूरा देश महामारी से लड़ रहा था। तो संघ और इसके एक-एक कार्यकर्ताओं ने मानवता का मिसाल कायम किया।

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